ज़िन्दगी हर घडी चल रही है एक नए रफ़्तार से
में तो बस रुक कर देखता हु क्यू कि अब तुम मेरी ज़िन्दगी हो
सौ गम है ज़िन्दगी में पर चाहत का है चमत्कार
चाहे जितने भी गम हो लेकिन में उनसे दूर हुँ
ज़िन्दगी हर घडी चल रही है एक नए रफ़्तार से
में तो बस रुक कर देखता हु क्यू कि अब तुम मेरी ज़िन्दगी हो
कभी अँधियारो से घबरा जाते थे पर अब नहीं
लगता है किसी कि बहुत आशीष मिल गया है
ज़िन्दगी हर घडी चल रही है एक नए रफ़्तार से
में तो बस रुक कर देखता हु क्यू कि अब तुम मेरी ज़िन्दगी हो
तेज धूप हो या बहुत बारिश घर से नहीं निकलते
जाने क्या हु है अब चाहे मौसम जैसा हो हम अभी रुकते नहीं
ज़िन्दगी हर घडी चल रही है एक नए रफ़्तार से
में तो बस रुक कर देखता हु क्यू कि अब तुम मेरी ज़िन्दगी हो
छोटी बात बहुत बड़ी लगती थी मुझे
अब तो बड़ी बात भी छोटी सी लगती है
ज़िन्दगी हर घडी चल रही है एक नए रफ़्तार से
में तो बस रुक कर देखता हु क्यू कि अब तुम मेरी ज़िन्दगी हो
No comments:
Post a Comment