Sunday, March 9, 2014

दिल की बात कविता में - "तुम्हे कुछ कहना है"


तुम्हे कुछ कहना है ऐसा दिल में आता है
जब तुम सामने आ जाते तो भूल जाते है
सच कहे तो आप के जाने बाद फिर याद आता है
तुम्हे कुछ कहना है ऐसा दिल में आता है
एक बार बहुत सोचने के बाद पक्का इरादा किया
आज कोई भी बात हो हम कह देंगे
तुम्हारे आने तक याद था पर जैसे ही
आपके चहरे की मुस्कान देखा सब भूल गया
और सच कहे तो आप के जाने बाद फिर याद आया
तुम्हे कुछ कहना है ऐसा दिल में आता है
जब तुम सामने आ जाते तो भूल जाते है
एक बार सोचा कि अब कि बार कुछ भी हो
कह देंगे और इस बार तरीका भी नया सोचा था
रात को एक ख़त में सारी बात लिक दिया
आपके आते ही ख़त आपको दे देंगे
हाथ में ख़त लिए तुम्हारा इंतज़ार कर रहे थे
आपके आने में कुछ देरी हुई दिल तड़पने लगा
विचार बदलने लगे और जब देखा आपको सामने
तो ख़त हाथ से छूट गया और आपको देखते रहे
तुम्हे कुछ कहना है ऐसा दिल में आता है
जब तुम सामने आ जाते तो भूल जाते है

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