Sunday, May 25, 2014

दिल की बात कविता में.… .... प्रेम

प्रेम 

बहुतों ने प्रेम की परिभाषा लिखि है 
प्रेम क्या है कैसा है प्रेम किसे कहते है 
किसीने ऐसा भी कहा है 
प्रेम नादान है 
प्रेम में किसी का भान नहीं होता 
न उम्र का न लोक - लाज का 
प्रेम में कोई बन्धन नहीं 

प्रेम ही जीवन है 
प्रेम के आगे सब कुछ फीका है 
प्रेम सब के जीवन में आता है 
कभी दुःख में तो कभी सुख में 

व्यक्ति का किसी न किसी से प्रेम होता है 
ना कहने पर खुद से तो प्रेम होता ही है 
जब अपना मन किसी के लिए विचार करे 
तो समझ लेना वाही प्रेम है 

कभी माँ - बाप तो कभी भाई - बहन 
सब का हम से प्रेम होता है 
कितने ही दूर हम उन्हें रखे 
उनके प्रेम के सामने बाकी सब छोटा लगता है 

प्रेम का संबंध भावना से है 
भावना से ही मन का तार जुड़ता है 
इसी कारण बिना जाने पहचानें भी 
प्रेम हो जाता है 

सच्चा प्रेम सब बंधनों से मुक्त होता है 
देह और देह के बंधनो से भी परे 
जहाँ अन्तर आत्मा और परमात्मा का 
मिलान होता है 
ये भी भावनाओं के तार से ज्ञान के मंथन से 
प्राप्त होता है 
आत्मा समझ परमात्मा से मिलान 
मानना ही सच्चा प्रेम है 



Friday, May 23, 2014

दिल की बात कविता में ....

मन में सुमन खिलते है 
जब ज्ञान की रंग में रंगते 
आपके ज्ञान की हर बिंदु में  
समाया है अनोखा रहस्या
जितना करू मैं  चिंतन
उतना मन में उठे लहरे आनंद के 

मन कभी कभी गुम  रहता है 
तेरी ही यादो में 
तेरी ही बातो में 
लगता है जैसे ये 
सब कल की ही बाते हो

देखता हूँ हर पल तुम्हे 
अपने साथ कभी चिंतन में 
तो कभी नुमा शाम की वेला में  
तो कभी  अमृतवेला में 

मन को अतीन्द्रिय सुख मिलता है 
गध गध  हो जाता हूँ
ये सोच सोच कर 
क्यू इतनी देरी से आपसे मिला 
चलो अब जो हू सो हुआ
दिल कहता है बस
एक बाबा एक मुरली एक मधुबन
और नही कुछ है मुझे भाए...

रमेश .... 

Thursday, May 22, 2014

दिल की बात कविता में - आसान है किसी को अपना बनाना



आसान है किसी को अपना बनाना 
पर प्रेम करना थोड़ा मुश्कील है 

जैसे गुलाब कितना सुन्दर क्यों न हो 
पर काटो में ही रहकर जीना मुश्कील तो है 

लगता सब को प्यारा गुलाब ही है 
पर उसका जीवन तो काटो में है 

ऐसा ही कुछ रिस्ता मेरा और आपका है 
कभी कट्टा तो कभी मीठा 
कभी बहुत मीठा 
कभी रूठना कभी खिलकर हँसना 
कभी टूटना तो कभी जोड़ना 
एक बात है  दोनों में 
इन सब के बाद भी 
हम मिलते है और मिलते रहते है 

आसान है किसी को अपना बनाना
पर प्रेम करना थोड़ा मुश्कील 
जैसे गुलाब कितना सुन्दर क्यों न हो 
पर जीवन बिताना है काटो में