भगवान... भगवान...भगवान...भगवान..
ओह दूनिया के रखवाले
सुन दर्द भरे मेरे नाले
सुन दर्द भरे मेरे नाले (ओह दूनिया)
आश् निराश के धो रंगों से
दूनिया तू ने सजाई
नय्या संग तूफान बनाया
मिलन के साथ जुदाई
जा देखलिया हर जाई
ओह..लूट गयी मेरे प्यार की नगरी
अब तो नीर बहाले (2)
ओह........अब तो नीर बहाले... (ओह दूनिया)
आग बनी सावन की बरखा
फूल बने अंगारे
नागिन बन गयी रात सुहानी
पत्थर बन गये तारे
सूब टूट चुके हैं सहारे
ओह...जीवन अपना वापस लेले
जीवन देने वाले (ओह दूनिया)
चाँद को दूँदे पागल सूरज
शाम को ढूंढे सवेरा
में भी दूंडू उस प्रीतम को
हो ना सका जो मेरा
भगवान भला हो तेरा
ओह..किस्मत फूटी आस ना टूटी
पाव में पड़ गये छाले
ओह दूनिया के रखवाले
आह.....आ.....आह.....
महल उधास और गलियाँ सूनी
चुप चुप हे दीवारें
दिल क्या उजड़ा दूनिया उजड़ी
रूट गयी हे बहारे
हम जीवेन कैसे गुजारे
ओह..मंदिर गिरता फिर बन जाता....
दिल को कौन सम्भाले
ओह दूनिया के रखवाले
सुन दर्द भरे मेरे नाले
सुन दर्द भरे मेरे नाले
ओह दूनिया के रखवाले
रखवाले.....
रखवाले.....
रखवाले.....
फ्लिम - बैजू बावरा
म्यूजिक डायरेक्टर - नौशाद
सिंगर - मोहम्मद रफ़ी
फ्लिम - बैजू बावरा
म्यूजिक डायरेक्टर - नौशाद
सिंगर - मोहम्मद रफ़ी

