आशा निराशा का खेल चल रहा था
आशा कम निराशा ज्यादा थी
लेकिन तुम मिले तो आशाये बड़ी
फिर हुवे तेज कदम सफ़र बना आसान
कभी तभी सोचा करते थे
मिटा दे अपनी सारी हस्ती
लेकिन तुम मिले तो आशाये बड़ी
फिर हुवे तेज कदम सफ़र बना आसान
यह कुछ भी अच्छा नहीं लगता था
जैसे संसार एक सपना था
लेकिन तुम मिले तो आशाये बड़ी
फिर हुवे तेज कदम सफ़र बना आसान
आप को शयद ही खबर हो
तुम न मिलते तो शयद हम न होते
लेकिन तुम मिले तो आशाये बड़ी
फिर हुवे तेज कदम सफ़र बना आसान
अब कुछ करने का ज़िन्दगी जीने का
होसला हुवा है बुलन्द जो पहले नहीं था
लेकिन तुम मिले तो आशाये बड़ी
फिर हुवे तेज कदम सफ़र बना आसान
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