आज श्याम कुछ खोज रहा था
और हाथ मेरे तुम्हारी एक तस्वीर लगी
बस तस्वीर क्या मिली
मै देखते देखते खो गया
यादो के मेले मे यू
श्याम कब डल गयी
कुछ पता नही चला
आज श्याम कुछ खोज रहा था
और हाथ मेरे तुम्हारी एक तस्वीर लगी
रात नींद कब आ गया
कुछ पता ना चला
बस लेटते ही सपनो
की दुनिया मे खो गया
नया दौर यादो का चलता गया
आज श्याम कुछ खोज रहा था
और हाथ मेरे तुम्हारी एक तस्वीर लगी
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