Monday, June 30, 2014

दिल की बात कविता में …… सब के दिल में छुपा एक आग है



सब के दिल में छुपा एक आग है 
जाने कब से लोग इसे दबाये चल रहे है 
कोई इसे जानता है तो कोई अनजान है 
बात ये थोड़ी अटपटी है 
सब के दिल में छुपा एक आग है

एक रोज ज़िन्दगी में ऐसा भी आता है 
हर किसी को इसका सामना करना होता है 
यु कोई हार जाता है तो कोई जीत जाता है 
बात ये थोड़ी अटपटी है 
सब के दिल में छुपा एक आग है

वैसे इस बात को मैंने भी जानना चाहा 
बात यही पूछा एक महात्मन् से 
बात फिर यु आई समझ में 
जो इस आग को जानकर समझ लेता है 
जो काबू पाता है वही जीत पता है 
जो बेखबर है वो हार जाता है 
बात ये थोड़ी अटपटी है 
सब के दिल में छुपा एक आग है

दिल की बात कविता में ............रोशन तुम्ही से है मेरी दुनिया


रोशन तुम्ही से है मेरी दुनिया
तुम्हारे बिना सूनी है मेरी दुनिया 

यु तो बहुत से लोग है दुनिया में
सब से कहाँ मेरा वास्ता
बस तुम्ही से है मेरी दुनिया
रोशन तुम्ही से है मेरी दुनिया
तुम्हारे बिना सूनी है मेरी दुनिया 

हर रोज तुम्हारे सपनो में खो जाता हूँ
तुम्हारे साथ का एहसास है मेरे दिल में
हर पल हर लम्हा बस तुम हो मेरी दुनिया
रोशन तुम्ही से है मेरी दुनिया
तुम्हारे बिना सूनी है मेरी दुनिया 

नदी के किनारे मैं रोज जाता हूँ
इन खुदरत की वादियों में
तुम संग बीते यादों को
बस याद करते है क्योंकी
अब यादों की यादे है मेरी दुनिया
रोशन तुम्ही से है मेरी दुनिया 
तुम्हारे बिना सूनी है मेरी दुनिया

कल की बात कुछ और थी
आज की बात कुछ और है
कल तुम साथ थी
आज तुम्हारी यादें साथ है
बस इतना सा अंतर है येही मेरी दुनिया
रोशन तुम्ही से है मेरी दुनिया
तुम्हारे बिना सूनी है मेरी दुनिया

Thursday, June 26, 2014

दिल की बात कविता में .... ज़िन्दगी !

ज़िन्दगी 

ज़िन्दगी ज़िन्दगी आखिर क्या है ये ज़िन्दगी 
क्या-क्या रंग दिखाती है जिन्दगी,
अपने बिछ्डो की याद दिलाती है जिन्दगी!
रो- रो कर भी हँसना सिखाती हैं जिन्दगी,
फूलो में रहकर कांटो पर चलना सिखाती है जिन्दगी!
बेगानों को भी अपना बनाती है जिन्दगी,
दूर रहकर भी पास होने का एहसास कराती है जिन्दगी!
एक पल में हजार रंग दिखाती है जिन्दगी,
कभी पतझड़ कभी गुलशन बन ...
कभी पराए को अपना  कभी अपने को परया 
हर रंग के साथ छुपा, एक नया रंग है ज़िन्दगी !
कहने को है बहुत कुछ 
पर समझो तो सार है ज़िन्दगी 
देखने लगो इस दुनिया को पूरी उम्र कम पड़ेगी 
और चाहो तो मुट्टी में बंद कर लो ज़िन्दगी !
सागर सी गहरी है ज़िन्दगी !
और देखो इस की एक अनोखी बात 
बूँद बूँद से बना है सागर 
और हर बूँद में है एक ज़िन्दगी! .

Rj Ramesh.........


Tuesday, June 24, 2014

संगम युग की महिमा

संगम युग की महिमा 

संगम यानी 

संगम यानी - आत्मा और परमात्मा का मिलान 
संगम यानी - आत्माये डायरेक्ट परमात्मा शिव को याद करती है 
संगम यानी - शिव बाबा के द्वारा आत्मा और परमात्मा का परिचय जानना 
संगम यानी - ब्रह्मा बाबा के द्वारा शिव को देखना 
संगम यानी - देवी देवता बनना 
संगम यानी - शिव बाबा के द्वारा ज्ञान मुरली सुनना 
संगम यानी - सर्व आत्माओं के पिता परमात्मा शिव है ये जानना 
संगम यानी - शिव बाबा के द्वारा 84 जन्म की कहानी जानना 
संगम यानी - शिव बाबा के द्वारा क्राइस्ट,मुस्लिम,गौतम बुद्ध, गुरु नानक के जीवन का परिचय जानना 
संगम यानी - प्रजापिता ब्रह्मा की 84 जन्मों की जीवन कहानी जानना शिव बाबा के द्वारा 
संगम यानी - सृष्टि चक्र पांच हज़ार साल का है ना की लाखो वर्ष का 
संगम यानी - सुख शांति मिलती है पवित्र धारण करने से 
संगम यानी - राजाई प्राप्त करना योग बल से ना की बाहुबल से 
संगम यानी - परमात्मा शिव गीता ज्ञान यज्ञ की स्थापना करते है 
संगम यानी - सृष्टि के आदि -मध्य-अंत को जानना 
संगम यानी - नर से नारायण बनना, नारी से लक्ष्मी बनना 
संगम यानी - परमात्मा शिव के द्वारा मनुष्य से ब्राह्मण और ब्राह्मण से फरिश्ता और फरिश्ता से देवता बनना 
संगम यानी - हम सभी आत्माये आपस में भाई-भाई है यह परमत्मा शिव के द्वारा जानना 
संगम यानी - परमपिता परमात्मा का साकार मनुष्य लोक में अवतरण