उसकी साहस और विश्वास में ताकत है।
आदमी मेहनत करना जानता है।
धरती माँ की गोद से सोना निकालना जानता है।
उसकी साहस और विश्वास में ताकत है।
वो आसमान के रंग देख कर
बदलाव करता है रुक मौसम का जानता है
उसकी साहस और विश्वास में ताकत है।
वो अब चिट्टी क्यों लिखे परदेश से
दिन-रात जब उनका ही ख़याल रखता है।
हर पल यादों का दीपक दिल में जलता है।
उसकी साहस और विश्वास में ताकत है।
वो जानता है आज जो दुरी है।
कल मंगल मिलन का ये निशान है।
आज वीरान है कल खलियान है।
आज दुःख कल सुख ये जानता है।
उसकी साहस और विश्वास में ताकत है।
Rj Ramesh
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