कुछ बाते नयी कुछ विचार नये
सुन कर लगा
कुछ बदलाव करेंगे जरुरु
अब रोज कुछ बदलना है।
पत्नी मेरी मुझ से आगे
निकल गयी इस कार्य में।
वो रोज ज़ेवर बदलती
और कभी तेवर बदलती।
अब रोज कुछ बदलना है।
देश में भी इस बीच
काफी बदलाव देखे हमने
कभी दंगे, कफ्र्यू ,हड़तालें
तो कभी रिक्शा, टैक्सी, रेल बंद।
अब रोज कुछ बदलना है।
हमने बहुत कोशिश की
बदलने की पर
अपने अन्दर देख कर
सोच चला अंतर मन में बदलाव नहीं
तो बाहर के बदलाव से कुछ नहीं
कुछ बाते नयी कुछ विचार नये
सुन कर लगा
कुछ बदलाव करेंगे जरुरु
अब रोज कुछ बदलना है।
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