Sunday, July 6, 2014

दिल की बात कविता में। .... हैलो क्या बात है !



हैलो क्या बात है ?
किस बात से काफा हो 
अपने ही कारोबार में 
उलजे हो या कोई और बात 
कुछ तो कहो मेरे यार 
हैलो क्या बात है ?

आज याद की डोरी से 
तुम्हे याद से बंधाने की 
कोशिश की 
शायद इस का अहसास 
होगी तुम्हे भी 
कुछ तो कहो मेरे यार 
हैलो क्या बात है ?

चलो मेरे दोस्त 
जैसे भी जहाँ भी हो आप 
आपको मिले सफलताएं हज़ार  
जीत हरदम आपकी ही हो 
येही दुवा करते हम हर बार 
कुछ तो कहो मेरे यार 
हेलो हेलो ओके ओके 
आप नहीं बोल रहे है 
कोई बात नहीं लेकिन 
ये मेरी है आखिरी बात 
खुश रहिये और
ख़ुशी बाँटिये और 
यही ख़ुशी आपकी 
ख़ुशी बढ़ाएगी !!!

No comments:

Post a Comment