दिल की बात कविता में - मेल करने को बैठे थे
मेल करने को बैठे थे
पर क्या लिखे और कैसे लिखे
लिखने लगा तुम्हरी याद से
याद भी याद दिलाती है
यादो के इस मेले में जीवन गुजर जाता है
सच्चे दिल की चाहना
साथ हो तो हर मुश्किल में राह निकलता है
तुम वहाँ से याद भेजना
हम यहाँ से याद भेज रहे है
तुम वहाँ अपना ख्याल रखना
हम यहाँ अपना ख्याल रखेंगे
तुम वहाँ समय पर कार्य करना
हम यहाँ समय पर कार्य करेंगे
तुम वहाँ सब के साथ ख़ुशी बाटो
हम यहाँ सब के साथ ख़ुशी बटेंगे
जब मौसम बदल जाय
तो मिलने की दुवा करना
फिर साथ मिलकर
पुरे जहान में प्यार लुटाएंगे
मेल करने को बैठे थे
पर क्या लिखे और कैसे लिखे
लिखने लगा तुम्हरी याद से
याद भी याद दिलाती है
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