आसान है किसी को अपना बनाना
पर प्रेम करना थोड़ा मुश्कील है
जैसे गुलाब कितना सुन्दर क्यों न हो
पर काटो में ही रहकर जीना मुश्कील तो है
लगता सब को प्यारा गुलाब ही है
पर उसका जीवन तो काटो में है
ऐसा ही कुछ रिस्ता मेरा और आपका है
कभी कट्टा तो कभी मीठा
कभी बहुत मीठा
कभी रूठना कभी खिलकर हँसना
कभी टूटना तो कभी जोड़ना
एक बात है दोनों में
इन सब के बाद भी
हम मिलते है और मिलते रहते है
आसान है किसी को अपना बनाना
पर प्रेम करना थोड़ा मुश्कील
जैसे गुलाब कितना सुन्दर क्यों न हो
पर जीवन बिताना है काटो में
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