Wednesday, November 26, 2014

दिल की बात कविता में। यु तो कहना बहुत है

 दिल की बात कविता में।

 यु तो कहना बहुत है 

यु तो कहना बहुत है 
लेकिन क्या कहे और किससे 
अपनों से या परायो से 
जब बात आती है दिल पर 
तब अपना भी तो परया लगे 
यु तो कहना बहुत है

कही दिनों से एक बात 
जुबा पर आती जाती है 
वो बात दिल में कब से 
एक खोना बना रक्खा है 
आपके आने पर कुछ 
याद नहीं आता 
आपके जाने पर वो 
दिल के खोने से निकालता है 
यु तो कहना बहुत है

कल बहुत समय तक 
इसी बात में दुबे रहे 
आज कहना है लेकिन 
श्याम होते ही लगा 
कहने से कोई बात नहीं बनती 
बिन कहे जो मिल जाय 
वो बात ही सही है 
एक चुप सौ सुख 
बात मेरी मन को लगी 
यु तो कहना नहीं अब 
सुनना है सामना है 
बात यही है सच्ची 
जिस में है 
सब की कमाई भाई !!!

रमेश 

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