Tuesday, August 12, 2014

परमात्मा शिव के कर्तव्य




सभी आत्माओ को ज्ञान दिया इसलिये परमात्मा शिव को ज्ञान का सागर कहा जाता है
सभी आत्माओं को गुणवान बनाते है इसलिये परमात्मा शिव को गुणों का सागर कहते है 
सभी निर्बल आत्माओं को शक्तिवान बनाया इस लिये परमात्मा शिव को सर्व शक्तिवान कहा जाता है 
सभी आत्माओं को  सुख का संसार रचा इसलिये  परमात्मा शिव को सुख का सागर कहा जाता है 
सभी आत्माओं को शान्ति देते है इसलिये परमात्मा शिव को शान्ति का सागर कहा जाता है 
सभी दुःखी अशान्त आत्माओं को आनन्द देते है इसलिये परमात्मा शिव को आनन्द का सागर कहा जाता है
सभी अपवित्र आत्माओं को पवित्र बनाते  है इसलिये परमात्मा शिव को पवित्रता का सागर कहा जाता है
सभी आत्माओं को अमर बनाते है इसलिये परमात्मा शिव को अमरनाथ का सागर कहा जाता है
सभी आत्माओं को सोमरस पिलाते है इसलिये परमात्मा शिव को सोमनाथ कहा जाता है
सभी आत्माओं को पशु तुल्य से हिरे तुल्य बनाते  है इसलिये परमात्मा शिव को पशुपतिनाथ कहा जाता है
सभी आत्माओं को मुक्ति और जीवन मुक्ति देते है इसलिये परमात्मा शिव को मुक्तेश्वर कहा जाता है
सभी आत्माओं का पिता निराकार राम है इसलिये परमात्मा शिव को रामेश्वर कहा जाता है
सभी आत्माओं को काटो से फूल बनाया है इसलिये परमात्मा शिव कोबाबुलनाथ कहा जाता है
सभी आत्माओं को काल के पन्जे छुड़ाते है इसलिये परमात्मा शिव महाकाल कहा जाता है
सभी आत्माओं को परूहानी प्रेम देते है इसलिये परमात्मा शिव को प्यार का सागर कहा जाता है
सभी आत्माओं को सत्य ज्ञान देते है इसलिये परमात्मा शिव को सत्यम शिवम् सुन्दरम कहा जाता है
सभी आत्माओं को पत्थर बुद्धि से पारस बुद्धि बनाते है इसलिये परमात्मा शिव को पारसनाथ कहा जाता है
सभी आत्माओं को तीनों लोकों का ज्ञान देते है इसलिये परमात्मा शिव को त्रिलोकीनाथ कहा जाता है
सभी आत्माये परमात्मा को कहीं भी कभी भी याद कर सकते  है
                                              इसलिये परमात्मा शिव को  सर्व्यापी या कण कण में कह दिया  है 



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