ज़िन्दगी
ज़िन्दगी ज़िन्दगी आखिर क्या है ये ज़िन्दगी
क्या-क्या रंग दिखाती है जिन्दगी,
अपने बिछ्डो की याद दिलाती है जिन्दगी!
रो- रो कर भी हँसना सिखाती हैं जिन्दगी,
फूलो में रहकर कांटो पर चलना सिखाती है जिन्दगी!
बेगानों को भी अपना बनाती है जिन्दगी,
दूर रहकर भी पास होने का एहसास कराती है जिन्दगी!
एक पल में हजार रंग दिखाती है जिन्दगी,
कभी पतझड़ कभी गुलशन बन ...
कभी पराए को अपना कभी अपने को परया
हर रंग के साथ छुपा, एक नया रंग है ज़िन्दगी !
कहने को है बहुत कुछ
पर समझो तो सार है ज़िन्दगी
देखने लगो इस दुनिया को पूरी उम्र कम पड़ेगी
और चाहो तो मुट्टी में बंद कर लो ज़िन्दगी !
सागर सी गहरी है ज़िन्दगी !
और देखो इस की एक अनोखी बात
बूँद बूँद से बना है सागर
और हर बूँद में है एक ज़िन्दगी! .
Rj Ramesh.........
Rj Ramesh.........
No comments:
Post a Comment